आईआईटी संस्थानों में सोमवार से प्लेसमेंट प्रकारिया स्टार्ट हो गई है। लेकिन इस बार आईआईटी संस्थानों ने मिलकर 20 से ज्यादा कंपनियों को इसमें भाग लेने से बैन कर दिया है। आईआईटी की ओर से इन कंपनियों को बैन करने के पीछे का कारण बताते हुए कहा गया कि ये कंपनियां छात्रों को जॉब ऑफर देने के बाद एन मौके पर उन्हें कैंसल कर देते थे। इससे छात्रों के करियर के साथ ही मेन्टल हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ता था। इसी को देखते हुए आईआईटी ने कंपनियों को प्लेसमेंट में भाग लेने से मना कर दिया।
अधिकारियों ने दी ये जानकारी
इस मामले में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्लेसमेंट में जॉब मिलने के बाद उन छात्रों को अगले इंटरव्यू में बैठने की इजाजत नहीं दी जाती है। वहीं, ये कंपनियां एन मौके पर छात्रों का प्लेसमेंट कैंसल कर देती हैं जिससे स्टूडेंट्स को करियर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझना पड़ता है। ऐसे में इससे छात्रों की मदद करने की कोशिश की जा रही है।
कई कंपनियों का प्लेसमेंट कैंसल करने का इतिहास
प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल एक आईआईटी प्रोफ़ेसर ने बताया कि हाल ही में 15 आईआईटी के प्लेसमेंट समन्वयकों ने इन कंपनियों के नामों की दोबारा जांच की। उन्होंनेजानकारी देते हुए बताया की “हमने उनके पिछले रिकॉर्ड भी देखे। इनमें से कुछ कंपनियों का ऑफर रद्द करने का इतिहास रहा है और छह-सात आईआईटी ने तो उन्हें पहले ही भागीदारी से प्रतिबंधित कर दिया था।”
इसके अलावा प्रोफेसर ने बताया कि “इस साल आईआईटी ने केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत कार्यक्रम के तहत प्रवर्तित स्टार्ट-अप्स की भागीदारी पर भी ज़ोर देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, हम ज्यादा से ज्यादा कंपनियों तक पहुंचने और प्रमुख परिसरों में स्थापित स्टार्ट-अप्स को सर्वोत्तम लक्ष्यों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अब तक प्लेसमेंट सीजन अच्छा दिख रहा है।




