
कर्म को हम सिद्धांत बनाएं
आदर्शों का मान बढ़ाएं
आओ हम गणतंत्र दिवस मनाएं
संविधान का है यह मूल संदेश
भूलें कभी न हम उसको पढ़कर देख
अधिकार से पहले कर्त्तव्य है आता
वही चेहरे पर मुस्कान है लाता
नित कर्म, श्रम और संघर्ष से
जीवन तपकर है निखर जाता
गीता ने भी यही है समझाया
जिसे कृष्ण ने अर्जुन को बतलाया
उसका मर्म समझ जो पाया
उसने ही जीवन को सफल बनाया
यही भाव गीता का
संविधान में हमने पाया
कर्त्तव्य पहले, फिर अधिकार
जन्मसिद्ध है बतलाया
आज गणतंत्र दिवस की बेला पर
आओ समझें अपने फर्ज
राष्ट्र, समाज और परिवार के प्रति
दायित्वों का बोध जगाएं
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम से हम
आदर्शों का भाव जगाएं
आओ हम सब गणतंत्र दिवस मनाएं।
प्रस्तुति-
–आदित्या उपाध्याय
छात्र
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