Saturday, April 25, 2026
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MPPSC : परीक्षा में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम, एआई लगाएगी नकल पर लगाम

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मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की इस वर्ष यानि कि वर्ष 2026 में होने वाली परीक्षा में एआई का दखल भी रहेगा। इनमें पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आधुनिक तकनीक एआई अपनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा कक्ष में परीक्षक और अभ्यार्थी की नकल या अन्य गैर कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए आयोग के केंद्रीय कार्यालय में कमांड सेंटर भी बनाया गया है। यहां से प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर लाइव नजर रखी जाएगी। इन पर नजर रखने वाला कोई इंसान नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई होगा।Empower Your MPPSC Journey with the Right Test Series | Rakesh Nagar

 

रविवार को 54 जिलों के 365 केंद्रों पर होगी(MPPSC) की परीक्षा 

मध्य प्रदेश संघ लोक सेवा आयोग के चेयरमैन राजेश लाल समेत तमाम अधिकारियों ने इस कमांड सेंटर को नजदीक से देखा। परीक्षा कमांड सेंटर की शुरूआत करते हुए उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के 54 जिलों में 355 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 1.35 लाख से अधिक परीक्षार्थी एग्जाम देंगे। इन केंद्रों पर एक साथ नजर रखने के लिए तगड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा के समय किसी भी गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधियों पर कमांड सेंटर सीधे नजर रखेंगे। वहीं से केंद्र प्रभारियों को सीधे निर्देश जारी किए जाएंगे।

 

पहली बार परीक्षा में लागू होगी त्रिस्तरीय जांच प्रणाली 

एमपीपीएससी परीक्षा में पहली बार त्रिस्तरीय जांच प्रणाली लागू होगी। इसके तहत सबसे पहले परीक्षार्थियों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रस्तुत करना होगा। उसके बाद उनसे प्रवेध पत्र की स्कैनिंग करने को कहा जाएगा। और सबसे अंत में परीक्षार्थियों की हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से तलाशी ली जाएगी। अभ्यर्थियों की पहचान के लिए आंख की पुतलली का मिलान भी किया जाएगा, ताकि परीक्षा में साल्वर बिठाने की संभावना को क्षीण किया जा सके। त्रिस्तरीय जांच प्रणाली से अभ्यर्थियों के फर्जीवाड़े की संभावना खत्म हो जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर बायोमेट्रिक कक्ष भी बनेगा। यह कमांड सेंटर से लिंक्ड रहेगा। यदि किसी परीक्षार्थी का बायोमेट्रिक मिलान नहीं हो पाता है तो इसकी जानकारी तुरंत कमांड सेंटर को देनी होगी। इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया में एआई का उपयोग किया जाएगा।

600 से अधिक पर्यवेक्षकों की लगी ड्यूटी 

एमपीपीएसी परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए 600 से अधिक परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें 100 से अधिक रिटायर्ड आर्ब्जबर और 24 से अधिक अन्य रिटायर्ड अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यदि कोई पर्यवेक्षक किसी भी अभ्यर्थी के पास 30 सेकेंड से अधिक रुकता है तो उसका अलर्ट तुरंत कमांड सेंटर को भेजा जाएगा। अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष में मोबाइल, डिजिटल घड़ी, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव, गैजेट समेत अन्य किसी भी तरह के इलेक्ट्रानिक उपकरण नहीं ले जा सकेंगे। परीक्षा कक्ष के अंदर केवल अपना पहचान पत्र, प्रवेश पत्र, बाल पेन और पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की छूट होगी।

 

दो सत्रों में होगी परीक्षा 

एमपीपीएससी की परीक्षा दो सत्रों में होगी। दोनों सत्रों में नकलचियों पर कड़ी निगरानी एआई और सीसीटीवी के अलावा कमांड कंट्रोल सेंटर के जरिए रखी जाएगी। नई तकनीक एआई की सफलता यदि यहां रहती है तो इस तकनीक का इस्तेमाल अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी किया जाएगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। पहले यह समय 45 मिनट था। उस समय को अब जांच में देरी लगने की संभावना के मद्देनजर बढ़ाया गया है।

 

 

 

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