Thursday, April 23, 2026
Home Campus News भीषण गर्मी को देखते हुए इंदौर में भी लागू हो ‘वॉटर बेल’...

भीषण गर्मी को देखते हुए इंदौर में भी लागू हो ‘वॉटर बेल’ नियम ?

0

देशभर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे के बीच राजधानी दिल्ली में स्कूलों के लिए लागू की गई नई गाइडलाइन—खासकर “वॉटर बेल” सिस्टम—अब अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बनती जा रही है। इस कड़ी में मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर में भी इस तरह के नियम लागू करने की सुगबुगाहट जोर पकड़ने लगी है। 

 क्या है वाटर वेल?

दिल्ली में सरकार ने स्कूलों में हर 45 से 60 मिनट के बीच में “वॉटर बेल” बजाने का निर्देश दिया है, ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें और भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक से बच सकें। इसके साथ ही छोटे बच्चों की आउटडोर गतिविधियों पर भी दिल्ली सरकार ने रोक लगा दी है। साथ ही वहां पर स्वास्थ्य सुरक्षा के कई अन्य उपाय भी लागू किए गए हैं।

  • अब स्कूलों में हर 45–60 मिनट पर घंटी बजेगी

  • इसका उद्देश्य बच्चों को नियमित पानी पीने की याद दिलाना है

  • इससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाव होगा

  • 👥 क्या है “बडी सिस्टम” और कैसे करेगा काम?

    इस गाइडलाइन में “वॉटर बेल” के साथ-साथ एक और खास पहल जोड़ी गई है—“बडी सिस्टम”

    इस सिस्टम के तहत:

    • हर बच्चे को एक “बडी” (साथी) दिया जाएगा

    • दोनों बच्चे एक-दूसरे का ध्यान रखेंगे

    • समय पर पानी पीना, थकान या चक्कर आने जैसे लक्षणों पर नजर रखना उनकी जिम्मेदारी होगी

    यानि अगर कोई बच्चा पानी पीना भूल जाए या उसे कमजोरी महसूस हो, तो उसका बडी तुरंत उसे याद दिलाएगा और जरूरत पड़ने पर शिक्षक को भी सूचित करेगा

 इंदौर में भी बढ़ रहा तापमा

मध्य प्रदेश के इंदौर में भी पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास घूम रहा है। दिन में चटक धूप और लू के चलते बच्चों की सेहत पर खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अभिभावक और शिक्षकों का मानना है कि दिल्ली की तरह यहां भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

क्या कहते हैं अभिभावक और शिक्षक ?

अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को गर्मी का असर जल्दी होता है, इसलिए स्कूलों में “वॉटर बेल” जैसे नियम अनिवार्य किए जाने चाहिए। वहीं शिक्षकों का भी मानना है कि इस तरह की पहल से बच्चों में पानी पीने की आदत बढ़ेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे।

 प्रशासन से करेंगे मांग

स्थानीय लोग जल्द ही इस दिशा में जिला प्रशासन से मांग करने वाले हैं कि:

  • स्कूलों में हर घंटे “वॉटर बेल” लागू की जाए

  • सुबह के समय कक्षाएं संचालित करने के पहले से हैं निर्देश

  • आउटडोर गतिविधियों को सीमित किया जाए

  • स्कूलों में ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो

क्यों जरूरी है यह कदम?

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले गर्मी में तेजी से बढ़ते हैं। समय-समय पर पानी पीना और धूप से बचाव ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है। इससे बच्चों में एकाग्रता आएगी और गर्मी का असर उनके दिमाग पर नहीं पड़ेगा। साथ ही वह भीषण गर्मी और लू से बचते हुए स्वस्थ भी रहेंगे।

निष्कर्ष-

भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच दिल्ली में लागू “वॉटर बेल” सिस्टम एक दूरदर्शी और जनहितकारी पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। यह न केवल बच्चों को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाने की दिशा में प्रभावी कदम है, बल्कि स्कूलों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी मजबूत माध्यम बन रहा है।

इसी तर्ज पर इंदौर जैसे शहरों में भी यदि समय रहते ऐसे उपाय लागू किए जाते हैं, तो यह प्रशासन की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाएगा। अभिभावकों और शिक्षकों की बढ़ती अपेक्षाओं के बीच यह पहल एक सकारात्मक संदेश दे सकती है कि प्रशासन जनहित के मुद्दों पर सजग और सक्रिय है।

ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और अभिभावक मिलकर सामूहिक रूप से इस दिशा में कदम बढ़ाएं, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके और एक जिम्मेदार एवं जागरूक समाज की मिसाल कायम हो।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here